मोदी विरोधी ताकतों का पलड़ा भारी! ऐसा क्यों?

मोदी विरोधी ताकतों का पूर्णकालीन व्यवसाय है नरेंद्र मोदी को किसी भी तरह किसी भी मामले में उलझाना। संसद न चलने देने से लेकर कठुआ औऱ उन्नाव की मानवीय कलंक जैसे जघन्य अपराधों पर भी राजनीति में मोदी को उलझाए रखने में ये घोर मोदी विरोधी ताकतें सफ़ल होती दिखाई दे रही हैं।

नरेंद्र मोदी २०१९ में तो सरकार बनाएंगे ही। २०२४ में भी वही भारत के प्रधानमंत्री होंगे।

नरेंद्र मोदी के घोर विरोधियों की चीखपुकार के बावजूद हररोज होने वाले सर्वे यह भविष्यवाणी करते दिखाई दे रहे हैं, की मोदी २०१९ तो आसानी से जीत लेंगे ही। २०२४ में भी उनकी सरकार इन सर्वेक्षणों में बनती दिखाई दे रही है।

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