ललकार है, ललकार है…

मेरी कलम से,

ललकार है, ललकार है,
चुप क्यों बैठा है तु,
जब दरकार है, दरकार है,
तेरी मध्यस्थता की,
पुकार है, पुकार है,
भारत माता की,
देख,गद्दार है, गद्दार है,
नोंच रहे अखंडता को,
गुरु कह रहे अफ़ज़लो को,
शहीद मान रहे आतंकियों को,
कोशिश उनकी देश के टुकड़े,
कश्मीर मांगे, औऱ फिर अकड़े,
भरमार है, भरमार है,
उनके साथीदारों की,
फट्कार है, फट्कार है,
उनकी जुबां पर,
उनके लिये जो,
देते है जो जां की कुर्बानी,
हक़दार है, हक़दार है,
जो हमारे सम्मान के,
ये कहते उनको बलात्कारी है,
धिक्कार है, धिक्कार है,
जो साथ खड़े उनके,
ललकार है, ललकार है,
भारत माँ की,
परख ले सभी को जो,
विरोधी है अखंडता के,
पुकार है, पुकार है,
तेरी मध्यस्थता की,

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