नरेंद्र मोदी २०१९ में तो सरकार बनाएंगे ही। २०२४ में भी वही भारत के प्रधानमंत्री होंगे।

नरेंद्र मोदी भारतवर्ष के इतिहास में पहले ऐसे प्रधानमंत्री है, जिनको भारत में सबसे ज़्यादा विरोध का सामना करना पड़ता है। जबकि विदेशी मीडिया एवं नेतागणों में वह सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता हैं।

नरेंद्र मोदी २०१९ में फिर एकबार अपनी सरकार बनाएंगे।

नरेंद्र मोदी की मन की बात
नरेंद्र मोदी की ४२वी मन की बात में उन्होंने बापू के जन्म के १५० साल कैसे मनाए जाएं, इस के लिए उन्होंने आम जनता से सुझाव मांगे हैं।

चारों तरफ विरोधियों की चीखपुकार औऱ टीकाओं के आक्रमण के बीच नरेंद्र मोदी बिना किसी परेशानी के अपनी मन की बात देशवासियों को बताते हैं। महात्मा गांधी के जन्म के १५० साल पूरे होने पर गांधी विचारधारा का आज के समय में समाज के आखिरी तबकों के लोगों के लिए क्या उपयोग हो सकता है, इस बात पर उन्होंने नागरिकों से राय मांगी है।

बाबासाहेब आंबेडकर के डेवलपमेंट एजेंडा को अपनी योजनाओं में शामिल करते हैं। अपने सपनों का भारत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ऐसा उनकी बातों से फलित होता है।

तो फ़िर विपक्षी दलों के बेरोजगारी, किसानों की दुर्दशा, भ्रष्टाचार, अविश्वास प्रस्ताव, इन सब मामलों पर इतने विरोध का क्या कारण है?

संसद चल नहीं रही। हाल ही में NDA से अलग हुए चंद्रबाबू नायडू, YSR कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रोज़ पेश करते हैं। सारे विरोधी दलों का उनको समर्थन मिलता है। बड़े शोरशराबे के साथ संसद खुलते ही मुल्तवी कर दी जाती है।

आम आदमी सोच भी नहीं पाता कि क्या हो रहा है, औऱ उसके टैक्स से इकठ्ठा हुए करोड़ों रुपये बर्बाद हो जाते हैं। लोगों को समझ ही नहीं आता है कि, २०१४ के बाद इतनी सारी समस्याएं अचानक कैसे आसमान छू लिया! क्या मोदी सरकार आने से पहले बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई क्या कम थे?

तो फ़िर किस आधार पर नरेंद्र मोदी २0१९ ही नहीं २०२४ भी जीतेंगे ऐसी भविष्यवाणी की जा रही हैं?

आज भी ऐसे कई सर्वे हर रोज़ सैंकड़ों की तादाद में हो रहे हैं, जिसमें नरेंद्र मोदी आने वाले दो टर्म जीतते दिखाई देते हैं। इन सर्वे में कौन वोट करते हैं, किसी को नहीं मालूम।

लेकिन फ़िर, हर आम आदमी दिलसे नरेंद्र मोदी को चाहता है, ऐसा नज़र तो आता है। जितनी प्रादेशिक पार्टियां इकठ्ठा होकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ चीखपुकार मचाती है, उतना ही नरेंद्र मोदी के लिए आम लोगों में सहानुभूति बढ़ती है।

लोग यही समझते हैं कि हर कोई सिर्फ़ एक ही आदमी के विरोध में जुटे हैं तो वह आदमी जरुर कुछ ऐसा कर रहा है जिससे विरोधियों की दुकान नहीं चलनेवाली। दूसरे, नरेंद्र मोदी के बराबर औऱ कोई विकल्प भी तो लोगों को नजर नहीं आता।

यही वजह है, शायद २०१९ औऱ २०२४ दोनों टर्म नरेंद्र मोदी मुश्किल से ही सही, जीत हासिल कर ही लेंगे, औऱ ये सारी भविष्यवाणी सच होंगी, ऐसे आसार नजर आते हैं।

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